Netarhat – झारखंड का मिनी शिमला
झारखंड की गोद में बसा नेतरहाट एक ऐसा हिल स्टेशन है, जिसे लोग प्यार से “झारखंड का मिनी शिमला” कहते हैं। घने जंगलों, ऊँचे पहाड़ों, ठंडी हवाओं और बादलों से ढकी वादियों के कारण यह स्थान प्रकृति प्रेमियों और शांति की तलाश करने वालों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। रांची से लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित नेतरहाट, छोटानागपुर पठार का एक अनमोल रत्न है।
नेतरहाट का भौगोलिक सौंदर्य
नेतरहाट समुद्र तल से लगभग 1,100 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ का मौसम साल भर सुहावना रहता है, लेकिन सर्दियों और मानसून के समय इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। चारों ओर फैली हरियाली, ऊँचे-नीचे पहाड़ और गहरी घाटियाँ इसे अन्य हिल स्टेशनों से अलग बनाती हैं।
सूर्योदय और सूर्यास्त का अनोखा अनुभव
नेतरहाट की सबसे बड़ी खासियत यहाँ के सनराइज पॉइंट और सनसेट पॉइंट हैं। कहा जाता है कि यहाँ सूरज को उगते और डूबते देखना एक अलौकिक अनुभव होता है। सुबह के समय बादलों के बीच से निकलती सूरज की किरणें ऐसा दृश्य प्रस्तुत करती हैं, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। कई पर्यटक मानते हैं कि यहाँ समय मानो थम सा जाता है।
नेतरहाट का रहस्यमय पक्ष
स्थानीय लोगों के अनुसार, नेतरहाट की वादियों में एक अलग तरह की ऊर्जा महसूस होती है। कुछ लोग इसे प्राकृतिक शांति कहते हैं, तो कुछ इसे आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ते हैं। यहाँ की गहरी घाटियाँ और घने जंगल कई लोककथाओं और कहानियों से जुड़े हुए हैं, जो इस जगह को और रहस्यमय बना देते हैं।
घूमने लायक प्रमुख स्थान
नेतरहाट में देखने के लिए कई आकर्षक स्थान हैं। मैगनोलिया पॉइंट, लोअर घाघरी फॉल्स, अपर घाघरी फॉल्स और कोयल व्यू पॉइंट यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। झरनों की कलकल आवाज़ और पहाड़ों से गिरता पानी मन को सुकून देता है।
कैसे पहुँचे नेतरहाट
नेतरहाट पहुँचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन रांची है। रांची से सड़क मार्ग द्वारा टैक्सी या बस के माध्यम से नेतरहाट आसानी से पहुँचा जा सकता है। सड़क यात्रा के दौरान पहाड़ी रास्तों और जंगलों का नज़ारा यात्रा को यादगार बना देता है।
क्यों कहलाता है मिनी शिमला
ठंडा मौसम, शांत वातावरण और पहाड़ी सौंदर्य के कारण नेतरहाट को मिनी शिमला कहा जाता है। हालाँकि यह शिमला जितना व्यावसायिक नहीं है, लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है। यहाँ की शांति और प्राकृतिक सुंदरता आज भी लगभग वैसी ही बनी हुई है, जैसी दशकों पहले थी।
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