अरबों के खजाने की रहस्यमयी दीवार, जिसे आज भी राजा भोज की नजरें संभाले हुए हैं

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सिर्फ झीलों और हरियाली के लिए ही नहीं, बल्कि अपने भीतर छुपे रहस्यमय इतिहास के लिए भी जानी जाती है।
इस शहर की दीवारों, महलों और प्राचीन इमारतों में ऐसी कहानियां दबी हैं, जो आज भी लोगों को हैरान कर देती हैं।
इन्हीं में से एक है भोपाल की प्रसिद्ध खजाने की दीवार, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसके पीछे अरबों रुपये का खजाना छुपा हुआ है।

भोपाल: इतिहास और रहस्यों का संगम

भोपाल का इतिहास जितना भव्य है, उतना ही रहस्यमय भी। यहां मौजूद पुराने महल और कोठियां सिर्फ स्थापत्य कला के उदाहरण नहीं, बल्कि वे अपने भीतर राजाओं और रानियों से जुड़ी कई अनकही कहानियां समेटे हुए हैं। कहा जाता है कि भोपाल की एक रानी ने अपना महल पानी में डुबो दिया था, जिसके कारण शहर की झीलें अलग-अलग हिस्सों में बंट गईं।

कहां है खजाने की दीवार?

भोपाल की वीआईपी रोड पर राजा भोज की प्रतिमा के पास एक लाल रंग की प्राचीन दीवार स्थित है, जिसे स्थानीय लोग खजाने की दीवार कहते हैं। इस दीवार का स्थापत्य गौहर महल के समकालीन माना जाता है।

  • दीवार का एक बड़ा हिस्सा आज भी पानी में डूबा हुआ है
  • इसके अंदर प्रवेश का कोई रास्ता आज तक नहीं मिला
  • इसे शासकों के खजाने की सुरक्षा से जोड़ा जाता है

जानकारों के अनुसार, पुराने समय में भोपाल के शासक अपना शाही खजाना इसी दीवार के पास सुरक्षित रखते थे। इसी वजह से यह दीवार वर्षों से रहस्य बनी हुई है।

क्या सच में छिपा है अरबों का खजाना?

शहर के कई बुजुर्गों और इतिहास प्रेमियों का मानना है कि इस दीवार के पीछे आज भी शाही दौर का खजाना दफन है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रहस्य और लोककथाओं ने इस दीवार को MP Ajab Gajab की सबसे चर्चित जगहों में शामिल कर दिया है।

भोपाल की अन्य रहस्यमयी जगहें

नूर महल

नूर महल का निर्माण शाहजहां बेगम ने अपने पति सिद्दीक हसन खान के लिए करवाया था। अंग्रेजों से मतभेद के कारण उन्हें अलग निवास दिया गया। यह महल उस दौर की शाही जीवनशैली को दर्शाता है।

लैला बुर्ज

कमलापति महल के सामने स्थित लाल रंग का यह बुर्ज गोंड शासनकाल से जुड़ा हुआ है। यहां प्रसिद्ध लैला तोप रखी जाती थी, जिसके कारण इसका नाम लैला बुर्ज पड़ा।

गढ़ी मस्जिद और सती स्तंभ

खानूगांव क्षेत्र में स्थित गढ़ी मस्जिद और आसपास बने सती स्तंभ गोंडकालीन स्थापत्य और उस समय की सामाजिक परंपराओं की झलक दिखाते हैं।

भोपाल का रहस्यमय आकर्षण

भोपाल की खूबसूरती केवल झीलों तक सीमित नहीं है।
यहां की दीवारें, बुर्ज और प्राचीन इमारतें आज भी इतिहास के अनसुलझे रहस्यों की गवाह हैं।
शायद यही कारण है कि खजाने की दीवार आज भी लोगों की कल्पना और जिज्ञासा को जीवित रखे हुए है।

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